Pitara Logo

ज़रा चख के देखो

Harindranath Chattopadhyaya 84 शब्द

ज़रा चख के देखो
ज़रा चख के देखो
ये है बड़ी मज़ेदार
ये है मज़ेकी
नगर नगर में शहर शहर में
देखों आगे पीछे
चढता दाम सब चीज़ों का
हम गिरते हैं नीचे
…जरा चख के देखो
नये नगर में बजता हैं
इक नये किसम का बाजा
अब तो राजा गधा बनेगा
गधा बनेगा राजा
नसीब अपना टूटा फूटा
नसीब अपना खोटा
ज़मींदार का कु
…जरा चख के देखो

बच्चों के लिए हिन्दी कविताएँ
Hindi poem for children from Harindranath Chattopadhyaya’s “Curd Seller Verses”

समाप्त

इन्हें भी पढ़ें…

गोपाल के गाल

गोपाल के गाल गोलम गोल लालम लाल रंग सुनहरा आंखें सुंदर घुंघराले से उसके बाल छोटा सा वो नटखट भोला करता कितने कई कमाल कभी फोड़ वो …

70 शब्द पढ़ें

नट खट हम हां नटखट हम

नट खट हम हां नटखट हम। करने निकले खट पट हम आ गये लड़के पा गये हम। बंदर देख लुभा गये हम बंदर को बिचकायें हम। बंदल दौड़ा भागे हम बच …

155 शब्द पढ़ें