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मुखौटे

मुखौटे

Kusum Chamoli 91 शब्द

श्याम बनेगा शेरू अपना
गीत बनेगा बन्दर
शिल्पा बिल्ली दूध पीएगी
बैठी घर के अन्दर
बबलू भौं भौं करता
पल पल धूम मचाएगा।
मोटू अपना हाथी बनकर
झूमे सूंड हिलाएगा
होगी फिर इन सबकी मस्ती
गाती होगी बस्ती
खुश होगा हर एक जानवर
खुशियां कितनी सस्ती
हा हा ही ही मैं भी मैं भी
लगा मुखौटा गाऊं
तुम हाथी तुम शेर बने तो
मैं भालू बन जाऊं
आहा कितने हम जंगल के
प्यारे प्यारे वासी
देख हमारे खेल नियारे
जाती रहे उदासी

बच्चों के लिए हिन्दी कविताएँ
Hindi poem for children

समाप्त

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